Thursday, May 4, 2023
बाजों का ट्रेनर बाजूली
एक समय था जब नागराज के खलनायक, प्रतिद्वंद्वी सुपरपावर से लैस नहीं होते थे। पर मुकाबला जोरदार होता था , टक्कर जबरदस्त होती थी , एक साधारण सा दिखने वाला विलेन भी एक अमिट छाप छोड़ जाता था,उस समय 32 पृष्ठों की संख्या ही काफी होती थी पाठकों को रोमांच की एक अलग दुनियां में ले जाने के लिये।
खैर वो समय अलग था, वो दौर अलग था, वो कॉमिक्स के प्रति दीवानगी अलग थी , वो नागराज अलग था , वो नागराज की कहानी अलग थी ।
अब न वो नागराज है, ना वो कहानी है ना पब्लिक नागराज की अब उतनी बड़ी दीवानी है ।
अब बाजों के ट्रेनर बाजूली को ही ले लो नागराज का दमदार प्रतिद्वंद्वी, जिसमें इक्यावन पहलवानों की ताकत थी , जिससे नागराज टक्कर रोमांचक और तूफानी थी |मुझे आज भी याद है जब मैंने पहली बार "नागराज और कालदूत" पढ़ी थी तो इस कॉमिक्स के कवर पेज और भीतरी पृष्ठों के आर्टवर्क को देखकर मैं कॉमिक्स फैन हो गया था इस कॉमिक्स में नागदंत को होना
कॉमिक्स को दिलचस्प बनाता है ।।
इस कॉमिक्स के विज्ञापन में जो कालदूत के व्यक्तित्व का जो वयाख्यान हुआ था उसे देखकर कॉमिक्स प्रति उत्सुकता चरम पर थी
विज्ञापन की ये जबरदस्त हेडलाइन
👇महात्मा कालदूत के लिये ये स्पेशल लाइनें मेंशन की गयी थी
■ मौत का जलजला
■ एक भयानक तूफान
■ एक हैरत अंगेज शक्ति
■ एक सनसनीखेज व्यक्तित्व
■कालदूत■
■ इच्छाधारी नागराज
■ सर्वशक्तिमान नागराज
■ अपराधियों का काल नागराज
■ प्रलयंकारी नागराज
कैसे पराजित हुआ यह नागराज ??
बस ये सब देखकर ही उंगलियों पे दिन गिन गिन के इंतजार शुरू हो गया था और जब कॉमिक्स हाथ में आयी तो उसने बिल्कुल भी निराश नहीं किया कॉमिक्स में सब कुछ अव्वल दर्जे का था ।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)







No comments:
Post a Comment