Sunday, August 4, 2024
लम्बू मोटू और अपराधियों का बादशाह
लम्बू- मोटू और अपराधियों का बादशाह कॉमिक्स से
वो दौर याद आता है जब
दशहरे की छुट्टियां थी ज़िंदगी सिर्फ दो चीजों के इर्द गिर्द
घूम रही थी एक क्रिकेट का ग्राउंड और दूसरा दिल्ली 40 की कॉमिक्स की दुकानों की गलियां,क्रिकेट और कॉमिक्स दोनों से उस समय प्यार बेपनाह था बता पाना जरा मुश्किल था की दोनों में से प्यार किससे ज्यादा था उस समय
संजय कॉलोनी (बगल के मोहल्ले )में एक दोस्त था अनिल मलिक जिगरी दोस्त था मेरा उन दिनों मुझे अंगारा बहुत ज्यादा पसंद था लेकिन मेरा दोस्त अनिल क्लासिक नागराज का पक्के वाला फैन था, मेरा बालमन अंगारा की तरफ ज्यादा आकर्षित था गैंडे की खाल, लोमड़ी का दिमाग , गिद्ध की आंखे, शेर का दिल, हाथी का जिगर, गोरिल्ले का शरीर
बड़ा रोमांचक लगता था उन दिनों,
मेरे अजीज मित्र Ashish Agarwal जी तो अब भी बहुत बड़े प्रेमी है अंगारा के
उन दिनों कॉमिक्स मतलब सुपरहीरो ही था अपने लिये
ये बिना सुपरहीरो की कॉमिक्स बड़ी बेकार लगती थी उस समय राम रहीम, लम्बू मोटू, कर्नल कर्ण,राजन इक़बाल, अच्छे नहीं लगते थे उस समय पर
अब उल्टा है ये ही ज्यादा पसन्द है अब
तो चलिये अब मुद्दे की बात करते है लम्बू मोटू और अपराधियों की बादशाह कॉमिक्स की
लम्बू मोटू की कॉमिक्स के बारे में सुना था तो
लेकिन कभी पढ़ी नहीं थी, अनिल ने कहा उसके पास कॉमिक्स है लम्बू मोटू और अपराधियों का बादशाह अगर मैं चाहूं तो एक्सचेंज कर सकता हूँ बदले में उसे अंगारा की कॉमिक्स चाहिये अंगारा की कॉमिक्स तो नहीं थी मेरे पास इस कॉमिक्स के बदले मैंने उसे कॉमिक्स दी थी जम्बू की "जम्बू गया हार"
बाद में बड़ा दुख हुआ ये कैसी कॉमिक्स ले ली मैंने बदले
में 😊
पर आज लम्बू मोटू की कॉमिक्स बहुत पसंद है मुझे ❤️
Sunday, June 16, 2024
क्लासिक नागराज का स्पेशल संग्रह
prem Rathore जी की कलम से------------
जय बाबा गोरखनाथ
नागराज
हम सभी भारतीय बच्चो के बचपन का असली सुपर हीरो
प्रताप मुलिक जी ने वो यादगार आर्ट हमे दिया जो आज भी हमारे दिलों मे वही वैसे ही जीवत है
उनके बनाये कॉमिक्स आज भी पढ़कर हम उसी दुनिया मे खो जाते है
हमारे उस नागराज को पसंद करने वालो का आलम ये है की वो आज भी प्रताप जी के नागराज को ही अपने पास सहेज कर रखे है
इसी कड़ी मे हम सबके प्रिय Manish Gupta जी अपने खास सबसे बेहतरीन मेटेलिक पन्नों पे वही जादू फिर से बिखेरने वाले है
और वो सभी नागराज के चाहने वाले अपने पुराने पसंदीदा नागराज को एकदम नये स्वरूप मे देखने को बेकरार है
जिस प्रकार मनीष जी ने ध्रुव का बेमिसाल संग्रह ध्रुव के दीवानों को दिया
तो हम जैसे सभी क्लासिक नागराज के चाहने वालो की उम्मीदें नागराज के स्पेशल संग्रह के प्रति गई गुना बढ़ चुकी है
नागराज का ये आने वाला संग्रह सभी रिकॉर्ड तोड़ दे ऐसी मेरी शुभकामनाएं है
और इस संग्रह मे प्रकाशित नागराज के फ़ैंस के लिए तस्वीर आने वाली पीढी की जिनके पास रहेगी मनीष जी की क्लासिक नागराज की अनमोल विरासत💐
तस्वीर
प्रकृति राठौर
सुपुत्री प्रेम राठौर
सीहोर
मध्य प्रदेश
जून के महीने में कॉमिक्स का जुनून
गर्मियों की छुट्टी थी जून का महीना था मेरे दोस्त नीरज ने शर्ट के नीचे तिलिस्मदेव की कॉमिक्स "दुश्मन जादूगर" छुपा रखी थी मिशन था संजय कॉलोनी अनिल के घर जाकर दुश्मन जादूगर के बदले
पिरामिडों की रानी एक्सचेंज करना" तपती दोपहरी थी गर्म हवा के लू के थपेड़े थे पैरों में हवाई चप्पल निक्कर और टी शर्ट पर हौंसलो में कोई कमी न थी अनिल को घर के बाहर से आवाज देना(उन दिनों यही रिवाज था🤣) ठंडा पानी पीना और सुस्ता लेने के बाद कॉमिक्स बदलकर चल पड़ना पिरामिडों के रहस्मय संसार से रूबरू होने के लिये जल्दी जल्दी अपने घर की तरफ ।।
#जादू मुलिक साहब का❤️🙏
Friday, December 29, 2023
एक सुपर हीरो को उसके अंदर की सुपर पॉवर्स "सुपर" नहीं बनाती
Mohit Tripathi जी की कलम से -------- एक हीरो को सुपरहीरो उसके अंदर की सुपर पावर्स नहीं बनाती हैं। बल्कि एक हीरो सुपरहीरो तब बनता है जब वो अपने से सौ- हज़ार गुना ज्यादा शक्ति रखने वाले विलन से लड़ने की और उसको हराने की हिम्मत रखता हो।
जब नागराज की शुरुआत हुई उसमें सुपर पावर्स थीं। पर वो सिर्फ उस लेवल की थीं कि उसे एक आम इंसान से अलग पहचान दे सके। समय के साथ साथ विलन आये जो आम विलन से ज्यादा पावरफुल थे जैसा नागराज है वैसे, चाहे तुतेन खामन हो या थोडांगा। वो उसकी टक्कर के थे और ये लेखक की परिकल्पना थी कि लिमिटिड पावर्स के साथ ही नागराज को उन विलेन्स के ऊपर विजय कैसे दिलवाई जाए। ये कहानियां कहीं न कहीं रीडर्स को इंस्पायर करती थीं कि लिमिटिड सौरसेज़ में ज़िन्दगी की मुश्किल का कैसे सामना किया जाए। फिर समय बदला नागराज का लेखक बदला और अपने दिमाग का रत्ती भर उपयोग करके नागराज के सुपर पावर विलेन्स को हराने के लिए नागराज को हर बार एक नई शक्ति दे दी गई कभी तिष्क सर्प कभी नागफनी सर्प। वो रोंगटे खड़े करने वाला जो फैक्टर होता था की अब नागराज क्या करेगा?, वो इन जबरदस्ती की थोपी गयी सुपर पावर्स के नीचे दब कर रह गया।
एक आम इंसान के कांटेक्ट में रहने वाला नागराज, नए देशों में घूमने वाले नागराज, नए लोगों से मिलने वाला नागराज एक छोटे से शहर में गिने चुने लोगों के बीच में सिमट कर रह गया। बस बढ़ती गयी तो उसकी सुपर पावर्स।
फिर दौर शुरू हुआ 2 in 1 और मल्टीस्टार कॉमिक्स का जिसमें नागराज को एक हथियार की तरह दिखाया गया जो अपनी मर्ज़ी से न चल सकता है ना अपनी पोटेंशियल जानता है। दूसरे सुपरहीरो(जबरदस्ती के) आकर उसे बताते हैं कि वो क्या क्या कर सकता है।
राज कॉमिक्स की सीरीज में "नागराज की कब्र" भले ही नागराज की दूसरी कॉमिक्स हो पर सच तो ये है की नागराज की कब्र "विसर्पी की शादी" के बाद कि कॉमिक्स है।
नारंगी नागराज और हरा नागराज
Prem Rathor जी की कलम से----------
दोस्तो क्या आप जानते है
नागराज की सबसे पहली आयी तीन कॉमिक्स
जब रीप्रिंट हुई तो
उसमें नागराज की क़ब्र कॉमिक्स में नागराज
हरे रंग की जगह
नारंगी रंग में आया था
ये शुरू वाली 40 पेज में आई थी
ओर नारंगी रंग में नागराज को देखने का अपना ही मजा है
या तो ये प्रिंटिंग मिस्टेक है या जो भी है
आपके सामने पेश है
नारंगी रंग का नागराज
😎😎😎😎
Saturday, December 23, 2023
मल्टीस्टारर हिंदी कॉमिक्स
Rohit Sharma Jee की कलम से---------
****Multi starr hindi comics*******
मल्टी स्टारर हिंदी कॉमिक्स की बात करे तो सबसे पहले जो नाम दिमाग में आता है वो है "नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव " जिसमे नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव एक साथ नजर आए थे और साथ में गगन और विनाशदूत आदि का गेस्ट अपीयरेंस था
लेकिन इनसे बहुत पहले लोटपोट में मल्टी स्टारर कहानी की शुरवात हो चुकी सन 1976 में जब चाचा। चौधरी के साथ मोटू पतलू नजर आए थे
उसके बाद मधु मुस्कान की एक कहानी में सुखवंत जी ने पहली बार मधु मुस्कान के सभी पात्रों को एक साथ दिखाया
यानी भारती जी के पोपट चौपट , डैडी जी सुदन जी का बनाया हुआ और जामिन जी का कलमदास
उसके बाद हुसैन जामिन जी की मधु मुस्कान में एक कहानी आई बबलू की जिसमे सारे मधु मुस्कान के किरदार थे
लेकिन असली धमाका हुआ 1983 में जब " अंकुर और चाचा चौधरी का अपहरण " आई मार्केट में
इस अंकुर की कॉमिक में diamond कॉमिक्स के सारे के सारे किरदार एक साथ आए थे एक ही 48 पेज की कहानी में
और उसके एक महीने बाद मनोज चित्र कथा की " महाबली शेरा और खूनी दानव" आई जिसमे महाबली शेरा और काला प्रेत के अलावा राम रहीम भी थे .
इस कॉमिक की खास बात ये थी कि ये कॉमिक्स पहली हिंदी कॉमिक थी जो 100 पेज की थी
और उसके बाद आई अंकुर की दूसरी मल्टी स्टारर " अंकुर और जासूसी का चक्कर"
और उसके बाद मल्टीस्टारर कॉमिक्स का जो दौर राज कॉमिक्स ने शुरू किया वो आज तक खत्म नहीं हुआ
आप लोगो की पहली मल्टी स्टारर कॉमिक जो आपने पढ़ी वो कौन सी थी ?
आप लोगो की राय और उत्तर का इंतजार रहेगा
Sunday, December 3, 2023
उस दशक में कंप्यूटर नाम बच्चों ने चाचा चौधरी की कॉमिक्स में सुना था
Rohit sharma jee की कलम से --------Comics peeking into future
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1980s वो दशक था जब भारत में कंप्यूटर का नाम बच्चों ने सिर्फ चाचा चौधरी की कॉमिक की में सुना था या कुछ अंग्रेजी साइंस फिक्शन पढ़ने वाले बच्चों ने issac asimov आदि को पढ़ा हो .लेकिन ज्यादातर उस समय की हिंदी कॉमिक में टेक्नोलॉजी की बात न के बराबर थी लेकिन फिर अश्विनी आशु की कॉमिक जगत में एंट्री हुई और फिर उन्होंने जो सोचा वो अब जा कर हकीकत बना
इंसान के जैसे दिखने वाले रोबोट आज तैयार है लेकिन 1983 में ऐसे रोबोट की कहानी जो इंसानी रूप ले चुका हो या फिर सीसीटीवी कैमरा जो आज घर घर में है उसका उपयोग या एक ऐसी ÀI वाली मशीन जिसमे ब्रह्माण्ड के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों का दिमाग हो ऐसी कल्पना तो अश्वनी आशू ही कर सकते थे
आज भी हम इंसानी दिमाग को पढ़ नहीं पाए और अश्वनी आशु ने डार्कलैंड के शैतान में रिमोट लोकेशन से इंसानी दिमाग कर काबू पाने की कल्पना कर डाली थी
डायमंड कॉमिक्स ने साइंस फिक्शन को लंबू मोटू और फौलादी सिंह के जरिए जिस तरह बच्चों तक पहुंचाया उसका कोई सानी नहीं
ये जो हैलोग्राफ तकनीक आज हम इस्तमाल करते है उसका बारे में मनोज के राम रहीम में 1982 के आस पास छपी कॉमिक में जानकारी दे दी गई थी इस सब से पहले जगदीश भारती जी ने ह्यूमन क्लोनिंग को ले कर 1978 में एक कॉमिक स्ट्रिप बना दी थी आप लोगों को पसंदीदा साइंस फिक्शन कॉमिक कौन सी है कमेंट में बताए Images courtesy Hemendra Singh
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